किरंदुल लाठीचार्ज पर सियासी तूफान, अमित जोगी का आरोप
आदिवासियों को लाठी से दबा रही है सरकार
Raipur. बस्तर के किरंदुल में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही आदिवासी महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने इस घटना को मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।16 दिसंबर को किरंदुल में टेलिंग डैम से विस्थापन, पुनर्वास और पर्यावरण सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही आदिवासी महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर अमित जोगी ने गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि निहत्थी महिलाओं पर सशस्त्र पुरुष सुरक्षा गार्डों द्वारा किया गया हमला सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है।
अमित जोगी ने आरोप लगाया कि मौके पर महिला पुलिस की अनुपस्थिति और हालात को संभालने में प्रशासन की लापरवाही ने स्थिति को और भयावह बना दिया। उन्होंने कहा कि इस हमले में कई महिलाओं के कपड़े फटे, चूड़ियां टूटीं और उन्हें गंभीर चोटें आईं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक है।
जोगी ने स्पष्ट कहा कि केवल मौखिक माफी से काम नहीं चलेगा। उन्होंने चार प्रमुख मांगें रखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में निष्पक्ष जांच, दोषी सुरक्षा गार्डों के निलंबन, घायलों के इलाज का पूरा खर्च और मुआवजा तथा विस्थापितों की मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
उन्होंने दो टूक कहा, “बस्तर की जनता डरने वाली नहीं है। हम महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की यह लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेंगे।” साथ ही उन्होंने आम जनता से इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की।