छत्तीसगढ़

डीएसपी पर आरोप लगाने वाले टंडन का काला अतीत बेनकाब: 2018 में सिविल लाइन थाने में 420 की FIR दर्ज

व्यापम परीक्षा का प्रश्नपत्र दिलाने के नाम पर तीन लाख की डील, अंकसूची और नकद मांग

 

 

रायपुर। आज जिस टंडन का नाम डीएसपी पर गंभीर आरोप लगाने के मामले में सामने आ रहा है, उसका खुद का आपराधिक रिकॉर्ड चौंकाने वाला है। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाने में वर्ष 2018 में अम्बेडकर टंडन के खिलाफ ठगी का अपराध दर्ज किया गया था। मामला व्यापमं द्वारा आयोजित राजस्व निरीक्षक (नगर निगम) परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें प्रश्नपत्र पहले दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप सामने आया था

।2018 की FIR ने खोली टंडन की पोल

थाना सिविल लाइन रायपुर में पदस्थ तत्कालीन सउनि द्वारा दर्ज अपराध के अनुसार, बीरगांव निवासी जितेन्द्र देवांगन ने लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अम्बेडकर टंडन ने व्यापमं द्वारा 15 अप्रैल 2018 को आयोजित राजस्व निरीक्षक (नगर निगम) परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले उपलब्ध कराने की बात कहकर धोखाधड़ी की

।शिकायत के अवलोकन के बाद अम्बेडकर टंडन का कृत्य प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत अपराध पाया गया, जिसके बाद सिविल लाइन थाने में विधिवत FIR दर्ज कर विवेचना शुरू की गई ।

तीन लाख में ‘पेपर सेट’, अंकसूची की शर्त

शिकायतकर्ता जितेन्द्र देवांगन ने बताया कि 13 अप्रैल 2018 की रात अम्बेडकर टंडन का फोन आया था। उसने दावा किया कि उसके पास परीक्षा का प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका है। प्रति अभ्यर्थी तीन लाख रुपये की मांग की गई। इसमें एक लाख रुपये नकद और दो लाख रुपये चेक से देने की शर्त रखी गई। साथ ही 10वीं और 12वीं की मूल अंकसूची जमा करने को भी कहा गया।

शंकर नगर चौक पर बुलाकर किया गया

खेल 14 अप्रैल 2018 को शिकायतकर्ता को शंकर नगर चौक बुलाया गया। देर रात करीब 10 बजे मुलाकात हुई, लेकिन अंकसूची साथ न होने पर टंडन ने एक घंटे बाद दोबारा बुलाया। जब शिकायतकर्ता पुनः मौके पर पहुंचा तो टंडन वहां से गायब मिला। फोन पर वह लगातार बहाने बनाता रहा।बाद में फोन पर कहा गया कि प्रवेश पत्र, अंकसूची और 50 हजार रुपये नकद लाने पर “काम हो जाएगा”। जब शिकायतकर्ता ने प्रश्नपत्र दिखाने को कहा, तो टंडन ने साफ कहा कि “पेपर नहीं आया है, जितना बनता है उतना बनवाना, बाकी छोड़ देना।

”5000 रुपये लेकर भी हो गया गायब

शिकायतकर्ता के अनुसार, उस समय उसके पास सिर्फ 5000 रुपये थे, जो उसने अम्बेडकर टंडन को दे दिए। इसके बाद भी न प्रश्नपत्र मिला और न ही कोई ठोस जवाब। बाद में जानकारी मिली कि टंडन ने इसी तरह कई अन्य लोगों से भी परीक्षा पास कराने और पेपर दिलाने के नाम पर रकम वसूली थी।

सिविल लाइन पुलिस ने दर्ज किया 420 का अपराध

इन तथ्यों के आधार पर थाना सिविल लाइन में अम्बेडकर टंडन के खिलाफ धारा 420 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया और विवेचना में लिया गया। यह मामला सीधे-सीधे संगठित ठगी और परीक्षा से जुड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।

आज फिर सुर्खियों में, लेकिन सवाल वही

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति पर पहले से परीक्षा ठगी जैसे गंभीर आरोप दर्ज हों, वही आज खुद को “सिस्टम का शिकार” बताकर अधिकारियों पर आरोप लगा रहा है। 2018 की FIR उसके चरित्र और मंशा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

प्रशासनिक हलकों में हलचल

इस पुराने मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी चर्चा तेज है। जानकारों का कहना है कि किसी भी आरोप को उसके पूरे बैकग्राउंड के साथ देखना जरूरी है। टंडन के खिलाफ दर्ज 420 की FIR अब उसके हर दावे को संदेह के घेरे में ला खड़ा करती है।

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