
रायपुर। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। राज्य के सभी जिलों, तहसीलों, गांवों और नगरीय क्षेत्रों में 1 मई से 30 मई 2026 तक चले इस अभियान के दौरान घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित की गई। जनगणना निदेशालय ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में राज्य की जनता द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
प्रथम चरण के दौरान प्रगणकों ने प्रत्येक मकान और उसमें निवासरत परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी जुटाई। इनमें मकानों की स्थिति, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा परिवारों की परिसंपत्तियों से जुड़े प्रश्न शामिल थे। सभी जानकारियां मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से संग्रहित की गई हैं, जिन्हें भारत सरकार के सुरक्षित सर्वर में संरक्षित रखा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियमावली 1990 के तहत पूर्णतः गोपनीय रहेंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल सरकारी नीतियों के निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए किया जाएगा।
राज्य में इस विशाल अभियान के तहत 33 जिलों, 252 तहसीलों, 195 नगरीय निकायों और 19 हजार 978 गांवों को कवर किया गया। कार्य के सुचारू संचालन के लिए 251 ग्रामीण चार्ज और 221 नगरीय चार्ज बनाए गए तथा 48 हजार 754 मकान सूचीकरण गणना ब्लॉक तैयार किए गए।
इस अभियान में कुल 62 हजार 500 अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं ली गईं। इनमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तरीय अधिकारी, 472 चार्ज अधिकारी, 60 मास्टर ट्रेनर्स, 1,100 फील्ड ट्रेनर्स, 52 हजार 705 प्रगणक और 9 हजार 319 पर्यवेक्षक शामिल रहे।
फरवरी 2027 में होगा दूसरा चरण
जनगणना 2027 का दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इस चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा। प्रथम चरण का उद्देश्य दूसरे चरण के लिए सटीक आधार तैयार करना है ताकि कोई भी मकान या परिवार गणना से वंचित न रह जाए। जनगणना निदेशालय ने उम्मीद जताई है कि आगामी चरण में भी राज्य की जनता का सक्रिय सहयोग प्राप्त होगा।
