सत्ता पक्ष के भीतर ही टकराव: विधायक अजय चंद्राकर की टिप्पणी से नाराज़ हुए स्वास्थ्य मंत्री
सदन में प्रक्रिया पर सवाल, विजन 2047 चर्चा के दौरान गरमाया माहौल
रायपुर। नए विधानसभा भवन में रविवार से शुरू हुए राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष के भीतर असहजता और टकराव की स्थिति बन गई। विपक्ष की अनुपस्थिति में सरकार की विजन 2047 पर विशेष चर्चा के दौरान ही भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा की प्रक्रिया और नियमों पर सवाल खड़े कर दिए, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कड़ा एतराज जताते हुए उनके वक्तव्य के कुछ अंश विलोपित करने की मांग कर दी।
किस नियम, किस प्रक्रिया से चल रही चर्चा?
विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रस्ताव पर शुरू हुई चर्चा के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने आसंदी से सीधे सवाल किया कि सदन में यह चर्चा किस प्रक्रिया और किस नियम के तहत कराई जा रही है। उन्होंने पूछा कि क्या यह शासकीय संकल्प के अंतर्गत चर्चा है, क्या इसके बाद संबंधित मंत्री जवाब देंगे, या फिर सिर्फ सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है।
चंद्राकर ने कहा कि जब प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है, तो यह भी तय नहीं कि सदस्य पक्ष में बोलें, विपक्ष में या केवल सुझाव दें।
विजन डॉक्यूमेंट पर गंभीर सवाल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को विजन डॉक्यूमेंट के लिए बधाई देते हुए भी विधायक चंद्राकर ने दस्तावेज़ की कमजोरियों को खुलकर गिनाया। उन्होंने कहा कि आज तक यह तय नहीं हो पाया है कि रोजगार की परिभाषा क्या है।
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कृषि का रकबा लगातार घट रहा है
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फसल उत्पादन में कमी आई है
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एलाईड सेक्टर कमजोर हुआ है
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लघु और सूक्ष्म उद्योगों की योजनाएं अधर में हैं
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प्रदेश में क्षेत्रीय असंतुलन साफ दिख रहा है
‘मेक इन छत्तीसगढ़’ कहां है?
चंद्राकर ने सरकार की औद्योगिक नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की 97 प्रतिशत आबादी अनस्किल्ड है। ऐसे में यह नीति लागू करने योग्य है या संशोधन की जरूरत है?
उन्होंने पूछा—
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मेक इन छत्तीसगढ़ की अवधारणा आखिर है कहां?
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कुटीर उद्योगों के लिए ठोस नीति क्यों नहीं?
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अब तक छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए विशेष नीति क्यों नहीं बनी?
कृषि, सिंचाई और गरीबी उन्मूलन पर सवाल
विधायक चंद्राकर ने अंजोर विजन का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें गरीबी उन्मूलन पर ठोस बात नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि
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1.25 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि कम हो गई
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सिंचाई का क्षेत्र घटा है
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सतही जल के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है
चंदखुरी में भगवान राम की मूर्ति का मुद्दा
चर्चा के दौरान चंद्राकर ने चंदखुरी में स्थापित भगवान राम की मूर्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में मूर्ति बदलने की घोषणा के बावजूद दो साल में अब तक बदलाव नहीं हुआ।
इस पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जवाब दिया कि एक सप्ताह के भीतर भगवान राम की नई मूर्ति स्थापित कर दी जाएगी।
शुक्ला का कांग्रेस पर तीखा हमला
विधायक सुशांत शुक्ला ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब-जब देश में शुभ कार्य हुए, कांग्रेस गायब रही।
उन्होंने कहा, “जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं।”
चंद्राकर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का काम जारी है और यदि किसी योजना में विसंगति रह गई है तो उसे समाहित किया जाएगा।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विकास पर चर्चा करने के बजाय दिल्ली में एक परिवार की चरण वंदना करने गई हुई है।

